बात 1997 के आस पास की होगी मै नया नया दिल्ली में आया हुआ था और एक छोटी सी कंपनी में फील्ड सपोर्ट इंजीनियर का काम करता था , सुबह ऑफिस जाता था और कोरडिनरटेर मैडम से हमसब को दिनभर के विजिट के लिस्ट मिल जाती थी और फिर सारा दिन स्कूटर्स से क्लाइंट के पास जाके उनके कम्प्यूटर्स को ठीक करना पड़ता था ये दिन भर का काम होता था और शाम को जब वापस आता था तो ऑफिस में कुछ न कुछ रोज़ रात का भी काम थमा दिया जाता था तो रोज़ अपने घर पर १२ बज ही जाते थे | मै थोड़े ही दिनों में काम से परेशान हो गया | ठीक से नींद भी पूरी नहीं होती थी और रोज़ बस भागता ही रहता था | २ - ३ महीने काम करने के बाद मैंने काम छोड़ने का मन बना लिया | रोज़ शाम को जब वापस आता तो मालिक कोई न कोई और काम दे देता था जिसकी वजह से काफी परेशान हो गया था | एक दिन मैंने अपनी परेशानी अपने साथ काम करने वाले सरदारजी को बताई और कहा जी बहुत जल्दी मै नौकरी छोड़ दूंगा , सरदारजी मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त था दिल्ली का रहनेवाला और दिमाग से बहुत ही शातिर उसने कहा देख अगर तूने मुझे ब्रेड पकोड़े खिलाया तो तेरा प्रॉब्लम ठीक कर दूंगा मुझे लगा ये मजाक कर रहा है ये मेरा प्रॉब्लम कैसे ठीक करेगा फिर मैंने उसको कहा चल ब्रेड पकोड़े खिलता हु और उसको साथ लेजाकर १० रुपये का ब्रेड पकोड़ा हम दोनों के पास के ठेले से खाया | ब्रेड पकोड़े खाने के बाद उसने कहा तू बिहारी है क्या मैंने कहा हाँ मै बिहारी हु उसने कहा अबे वो बिहारी नहीं तू बेवकूफ है क्या मैंने ऐसा क्यों कह रहा है तो उसने कहा तेरी पगार कितनी है मैंने कहा 4000 और उसने कहा की अगर दिन भर में तू ५ क्लाइंट को अटेंड करता है तो तुझे 4000 सैलरी मिलेगी और तूने अगर १० क्लाइंट भी अटेंड किया तो सैलरी 4000 ही मिलेगी तो जान क्यों दे रहा है आराम आराम से काम कर दिन भर में ५ कॉल ही कर और मस्त रह मालिक पूछे तो बोल देना ५ ही कॉल हो पाए यहाँ पर सब ऐसे ही करते है तेरी तरह कोई पागल नहीं है जो दिन रात लगा रहे मुझे उसकी बात में दम लगा और उसन दिन के बाद से आराम आराम से ५ कॉल अटेंड करके घर चला जाता था और अपनी पढाई करता था और शाम को ऑफिस बंद होने के टाइम पर पसीना पोछते हुए पहुंच जाता था बॉस मेरी हालत देख के कह देता था बेटा घर चले जा रात काफी हो गई है कल सुबह टाइम पर आ जाना इस तरह समय बचा के बहुत सारे पढाई मैंने पूरी कर ली और आज भी सरदारजी को उनके गुरु ज्ञान के लिए धन्यवाद देता हू |
आजकल साइबर ठगी का मामला प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है लोग जागरूक न होने से साइबर ठग आपको चुना लगा जाते है आइये कुछ सावधानियां बरते और अपने आप को नुकसान होने से बचाये 1. कभी भी किसी भी फ़ोन करने वाले को अपना बैंक खाते की जानकारी न दे | बेशक वो अपने आप को बैंक का कर्मचारी ही क्यों न बता रहा हो , या अनजान आदमी ये कह रहा हो की गलती से उसने आपके फ़ोन का नंबर अपने किसी जगह भर दिया था और आपके पास उसका OTP आ गया है वो आप उसको दे | २. सोशल मीडिया , अन्य वेबसाइट , दुकान , होटल , मॉल इत्यादि में | किसी भी तरह जी निजी जानकारी को सार्जनिक न करे , जैसे की मोबाइल नंबर , जन्म तिथि, अपना पता , परिवार की जानकारी ३. मोबाइल पर ऐसे आप को डाउनलोड न करें जिसकी आपको जाएदा जानकारी न हो या आप जो आपकी निजी जानकारी के लिए आपसे अनुमति मांगती हो 4 . सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से निजी जानकारी साझा ना करें , मित्र बनाने में सावधानी बरते | 5 . ऐसे फ़ोन या ईमेल के प्रलोभन में ना आये जो आपको फायदा की बात करे मसलन लाटरी , इन्शुरन्स सरेंडर , मित्रत्रा...
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