झारखण्ड सरकार की महत्त्वाकांक्षी परियोजना कोनार डैम उद्घाटन होने के 14 घंटे में ही बह गई ,100 एकड़ में खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया | ये परियोजना को बनकर तैयार होने में 42 साल लग गए 6 करोड़ की लागत से 1978 में शुरू हुई ये परियोजना २५०० में बनकर तैयार हुई | सरकारी अफसरों ने सारी जिम्मेवारी चूहों पर दाल दी कहा की बांध को चूहों ने अंदर से खोखला कर दिया था | सरकार को काफी किरकिरी का सामना करना पद रहा है | ये परियोजना से आस पास के जिलों गिरिडीह , हज़ारीबाग़ , बोकारो में जल पहुँचाना का था | 42 साल की देरी सरकारों के एकमत ना होने की वजह से हुई |
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