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आई आई टी इंजीनियर को क्यों जाना पड़ा जेल |

बात थोड़ी  पुरानी  है रोज़ की तरह सुबह उठकर चाय के साथ अखबार पढ़ रहा था की अचानक एक खबर की तरफ नज़र चली गई | कोई  आई आई  टी  का इंजीनियर प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी  चित्रांबराम साहब को जान से मारने की धमकी देते हुए पकड़ा गया  | चूँकि खबर झारखण्ड  मेरे इलाके  से था तो बस पड़ता चला गया पर जैसे ही इंजीनियर बाबू का नाम पढ़ा दिमाग थोड़ी देर के लिए सन्न  रह   गया  अरे  ये  तो साला अपना अरुण (  बदला हुआ नाम )  है |  इसको क्या हो गया | ये  मेरे बचपन का  क्लास  फेलो , पढ़ने में सबसे तेज़  अरे  क्लास ही क्यों पुरे स्कूल में सबसे तेज़ था वो  और फिर  किसी फिल्म के फ्लेशबैक की तरह  में २५ साल पीछे चला गया  कहानी  1989  - 90  एक आस पास की रही होगी में क्लास 7  में था  और फाइनल एक्जाम  से ४ महीने पहले एक लड़का अपने क्लास में  एडमिशन लिया  शयद उसके पिता जी का ट्रांसफर हुआ था अपने शहर  गिरिडीह में और हमारे स्कूल  में नाम लिखा गया | हम सब  परेशां थे की ४ महीने बाद फाइनल एग्जाम  है  और ये  नया लड़का पुरे साल का सेलेबस कैसे कवर करेगा और पास  कैसे होगा पर उसके चेहरे से कोई परेशानी झलकती नहीं थी वो मस्त रहता था और अपना अलग बैठ कर ख़ामोशी से हमेशा कुछ न  कुछ पड़ते रहता था , पूछने पर कहता परीक्षा  की तयारी कर  रहा है | एक हफ्ते बाद क्लास टेस्ट था टेस्ट हुआ और हमें मालुम था की अरुण कुछ खास नहीं  पायेगा पर जब रिजल्ट आया तो सबके दिमाग  की घंटी  बज गई  एक हफ्ते  की तयारी में अरुण क्लास में फर्स्ट आया , क्लास में हमेशा फर्स्ट आने वाले   बच्चों का चेहरा देखने  लायक था ये बात आग  तरह पुरे स्कूल में फ़ैल गई की  कोई नया लड़का क्लास 7 में आया जो पढ़ने में बहुत ही तेज़ है | अपने क्लास टीचर ने एक नियम बना रखा था की एक पढ़ने में कमज़ोर लड़के के साथ एक पढ़ाकू बच्चे को बैठती थी ताकि संगत का असर हो और कमजोर बच्चा भी पढ़ने में तेज हो जाए इस नियम के तहत मुझे अरुण के साथ बैठाया गया पर अपना दिमाग जरुरत से जाएदा ही  कमजोर था अरुण  के साथ बैठने का मुझपर कुछ खास असर नहीं हुआ अलबत्ता  मेरे गुण ही अरुण में ट्रांसफर होने लगे जल्द ही ये बात  टीचर को पता चल गई और उसने अरुण का डेस्क बदल दिया , अरुण  को मैंने कभी अपने क्लास की किताब पढ़ते नहीं देखा वो हमेशा 12  और आई आई टी  की किताब ही पढता रहता था  पूछने पर हसकर कहता अबे हमको  साला ऐ सब आता है हमको आई आई टी तयारी करना  है |   देखते देखते ३  साल कब बीत गए पता  ही नहीं चला और इन तीनो साल क्लास में वो हमेशा क्लास में अव्वल रहा  | खैर 10 का परीक्षा हुआ ,  वो बहुत ही अच्छे नंबर से पास हुआ और हम सब अलग हो गए |  इसी बिच पता चला उनसे आई आई टी खरगपुर से आई आई टी किया और अमरीका चला गया  और २० साल बाद अचनाक इस तरह की अखबार की  हैडलाइन बनकर हमको चौका  देगा किसी को पता नहीं था |  अपने को लगता है साला इ जो पड़ने में जाएदा तेज होते हैं उनका दिमाग भी जल्दिये पगला जाता है  अब बताइये  आई आई टी का इंजीनियर अमरीका  रिटर्न  पगलाइए गया है ना जो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जान से मारने की धमकी दे रहा है | बाद में पता चला की अरुण की पारिवारिक ज़िन्दगी सही नहीं चली और वो दिमागी बीमारी का शिकार हो गया | हम सबको तो लगता था ये आई आई एस बनेगा पर  ऐसा कांड कर दिया की  उसको जेल जाना पड़ा | इन सालो में कई बार हज़ारीबाग गया सोचा एक बार मिलता चालू पर पता नहीं क्यों  हिम्मत ही नहीं हुई | 

"https://www.firstpost.com/fwire/iit-engineer-arrested-for-sending-threats-to-pm-chidu-338291.html"



अशोक कुमार

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